आईने का जीना भी लाजवाब हैं जिसमे स्वागत सबका है लेकिन संग्रह किसी का नहीं। सुप्रभात
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सारा संसार
बदलाव बनिए
ख़ुशियाँ ,
मुस्कान
खुश होना है तो
खुद से प्यार